कोरबा (khabarsamvad.com)। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कृषि विभाग के मैदानी अमले की समीक्षा बैठक लेकर फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने और किसानों का एकीकृत किसान पोर्टल पर समय-सीमा में पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों को धान के स्थान पर दलहन, तिलहन और अन्य वैकल्पिक फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने तथा रबी सीजन की तैयारियां समय पर पूरी करने को कहा।
बैठक में बताया गया कि खरीफ 2026 में जिले में धान का रकबा 2,961 हेक्टेयर घटा है। फसल विविधीकरण के तहत धान के स्थान पर दूसरी फसल लेने पर 15 हजार रुपये प्रति एकड़ और धान के अतिरिक्त अन्य फसल लेने पर 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की सहायता के लिए किसानों का पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए। प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) के तहत अधिसूचित दलहन एवं तिलहन फसलों के उपार्जन के लिए भी पंजीयन पर जोर दिया गया। बैठक में जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, उप संचालक कृषि, सहायक संचालक कृषि तथा बीज निगम एवं बीज प्रमाणीकरण संस्था के अधिकारियों सहित कृषि विभाग का मैदानी अमला उपस्थित रहा।
कलेक्टर ने रबी 2026-27 में पड़ती भूमि पर अतिरिक्त 10 प्रतिशत क्षेत्र में खेती बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए अधिकारियों को आवश्यक कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। जलभराव वाले क्षेत्रों को छोड़कर अन्य स्थानों पर ग्रीष्मकालीन धान का रकबा शून्य करने तथा किसानों की मांग के अनुसार गुणवत्तापूर्ण बीज का भंडारण और वितरण सुनिश्चित करने को कहा। करतला विकासखंड में 100 हेक्टेयर क्षेत्र में सूरजमुखी की खेती कराने और जिले में दलहन-तिलहन का क्षेत्रफल 10 हजार हेक्टेयर तक बढ़ाने का लक्ष्य दिया गया। कृषि यांत्रिकीकरण योजना के तहत किसानों का चौम्प्स पोर्टल पर पंजीयन कर कृषि यंत्र वितरित करने तथा सूक्ष्म सिंचाई योजना के अंतर्गत 700 हेक्टेयर के लक्ष्य के अनुरूप स्प्रिंकलर पंप सेट के लिए पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए।
मृदा स्वास्थ्य कार्ड और किसान योजनाओं की समीक्षा
कलेक्टर ने प्रत्येक ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को 250 मृदा नमूने एकत्र करने तथा जिले में 25 हजार मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण का लक्ष्य पूरा करने को कहा। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और किसान क्रेडिट कार्ड योजना से सभी पात्र किसानों को जोड़ने के निर्देश भी दिए। टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए संबंधित किसानों के कृषि रकबे का पीजीएस प्रमाणीकरण कराने पर जोर दिया गया। बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था के अधिकारियों ने प्रमाणीकरण की प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया। इसके साथ ही कृषि विभाग के मैदानी अमले को टोकन और क्यूआर कोड के माध्यम से उर्वरक वितरण के लिए नवीन मोबाइल ऐप के उपयोग की जानकारी दी गई। कलेक्टर ने कहा कि अधिकारी गांवों में सक्रिय रहकर किसानों को योजनाओं की जानकारी दें, उनका समय पर पंजीयन कराएं और निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित करें।
आंधी-वर्षा से निपटने पहले से करें तैयारी, अलर्ट मोड में रहें अधिकारी : कलेक्टर दुदावत

